वर्तमान के तनावभरे जीवन में हर इंसान एक आम बीमारी से परेशान है इनमे कॉमन परेशानियां है तनाव ,बीपी,ऑस्टियोआर्थराइटिस इत्यादि।एक ही जगह बैठकर कार्य करने वाले लोग भी परेशान है ऑस्टियोआर्थराइटिस नामक बीमारी से|एक मेडिकल रिपोर्ट कहती है कि भारत वर्ष में इसके 10 लाख से ज्यादा हर वर्ष रोगी बन रहे हैं.ऑस्टियोआर्थराइटिस आर्थराइटिस का ही एक रूप है जिसमें एक या एक से ज्यादा जोड़ों के कार्टिलेज टूट जाते हैं या घिसते रहते हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस का अर्थ है कि हमारे शरीर के निचे के हिस्से की हड्डियों को सपोर्ट देने वाले सुरक्षात्मक कार्टिलेज और कोमल ऊतकों का किसी कारणवश टूटना शुरू होना है। इस हालत में किसी भी गतिविधि के बाद या आराम की लंबी अवधि के बाद जोड़ों का लचिलापन कम हो जाता है और वो सख्त हो जाते हैं, और इनमें दर्द रहता है। हालाँकि ऑस्टियोआर्थराइटिस के लिए उपचार की कई विधियां  है और लगभग हर पैथी में उपचार दावा किया जाता है। कारगर उपचारों में एलोपैथिक उपचार अच्छा है लेकिन इनके अलावा, कुछ आयुर्वेदिक इलाज भी रोग निदान में  सहायक हैं।osteo arthrities effect

 लक्षण :  
  • हड्डियों में तेज दर्द खासकर घुटने व एड़ियां आदि में।
  • सुई की चुभन जैसा महसूस होना ,ऐसा अक्सर होना।
  • शरीर के उन हिस्सों में चुभन के साथ ठंडा पड़ना।
  • महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा प्रभावित है।

 

ऑस्टियोअर्थराइटिस के कारगर आयुर्वेदिक उपचार

  • 1 चम्मच घी, दूध या गुनगुने पानी से लें।
  • अश्वगंधा चूर्ण का सेवन करें।
  • एक एक चम्मच हल्दी सुबह शाम गर्म दूध में पियें।
  • 10 ग्राम मेथी के दानों का चूर्ण बनाकर सुबह पानी के साथ लें।
  • लहसुन की कलियाँ भी आप दूध में उबालकर पी सकते हैं.
  • १० ग्राम भीमसेनी कपूर १० ग्राम पिपरमेंट सत्व ,१० ग्राम अजवायन सत्व मिलाकर कांच की बर्नी में बंद करके दो दिन धुप में रखें इसकी हर रोज मालिश करें।
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    — क्या करें– 
  • गुनगुना पानी पिएं।
  • धूप अधिक लेवें,क्योंकि धुप विटामिन डी का अच्छा स्रोत है।
  •  यदि आप ओवर वेट हैं तो वजन कम करें।
  • घर का खाना खाएं क्योंकि तली भुनी चीजें नुकसान करती है ।
  • गाय का घी, गाय का दूध, ऑलिव ऑयल, तिल का तेल,मछली ,ड्राई फ्रूट आदि का सेवन करें।

क्या न करें

  • तैलीय ,मसालेदार, बासी खाना न खाएं ,
  • शारीरिक क्षमता से ज्यादा व्यायाम न करें
  • ओवर ईटिंग यानी अधिक भोजन से भी बचें।
  • अनियमित दिनचर्या जैसे दिन में सोना, रात में जागना से बचें।
  •  जामुन, सुपारी, अरहर की दाल, मूंग की दाल,चीनी ,नमक  का सेवन कम करें
  • केक, चॉकलेट, आइसक्रीम, कुकीज, कोल्ड ड्रिंक्स आदि के सेवन से बचें।दरअसल ज्यादा चीनी खाने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है।
  • डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कम करें क्योंकि ऑस्टियोआर्थराइटिस के दौरान जानवरों के दूध के सेवन से परेशानी बढ़ सकती है। जबकि अन्य दूध जैसे सोया मिल्क, अलमंड मिल्क, फ्लैक्स मिल्क आदि के प्रयोग से इसमें राहत मिलती है क्योंकि इनमें से ज्यादातर में सूजन कम करने वाले गुण होते हैं